Saturday, June 9, 2007

some rong in news about me

निठारी के नाम विदेशों से बटोरे लाखों
सहारा न्यूज ब्यूरो
नोएडा। निठारी से देश दुनिया के लोग भले ही भीतर तक हिल गये हों लेकिन एक व्यक्ति ने मानवता का गला घोंटकर उनके दर्द का हवाला देकर विदेशों से लाखों रूपये बटोर लिये। उसने जंतर मंतर के करीब से गुजर रहे संवेदनशील विदेशियों को भी नहीं बख्शा और उनकी जेब ढीली करा ली। इस व्यक्ति ने निठारी पीड़ितों के आंसुओं को भुनाने के लिए बाकायदा संस्था भी बना ली थी। अब इसकी शिकायत राष्ट्रपति समेत दिल्ली पुलिस से की गयी है। नोएडा पुलिस भी अब यह निकृृष्ट हरकत करने वाले शख्स को तलाश रही है।
गत वर्ष 29 दिसम्बर को मासूम बच्चों के साथ हुई हैवानियत का सच उजागर हुआ था। निठारी कांड का सच मीडिया के जरिये विदेशों तक फैला। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ लोगों ने एक गहरी साजिश रची और उसे अमलीजामा पहनाने में कामयाब भी रहे। अब जब इस बाबत पीड़ित परिजनों ने राष्ट्रपति से शिकायत की है, तो वे लोग पीड़ित परिजनों को ही ब्लैकमेल कर रहे हैं।
गाजियाबाद के विजयनगर इलाके से पिछले वर्ष गायब हुए बच्चे के पिता मोम्मद मुस्तफा ने राष्ट्रपति को प्रेषित एक ज्ञापन में लिखा है कि निठारी कांड का खुलासा होने के बाद जब वह अपने बच्चों की खोजबीन करते हुए निठारी पहुंचा तो दिल्ली निवासी प्रहलाद अग्रवाल नामक व्यक्ति उसकी सहायता करने लगा था। मुस्तफा ने बताया कि जब नोएडा पुलिस खूनी कोठी में महज निठारी के स्थानीय लोगों के बच्चों के शिकार होने की बात कहकर उन्हें हटा रही थी तब वह व्यक्ति उसकी मदद कर रहा था।
प्रहलाद अग्रवाल ने दूरदराज के क्षेत्रों से अपने बच्चों की तलाश में निठारी पहुंच रहे लोगों को एकजुट किया और फाउंडेशन फॉर कॉमनमैन नामक एक संस्था का गठन किया। इसके बाद संस्था के बैनर तले वह आठ जनवरी से दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक पीड़ित परिजन के साथ धरने पर बैठा हुआ था। इसके अलावा उस व्यक्ति ने संस्था के लेटरपैड पर पत्र लिखकर पीड़ित परिजनों को आर्थिक पहुंचाने के लिए कई विदेशी संस्थाओं से मदद मांगी। उसने जंतर-मंतर के आसपास से गुजरने वाले विदेशियों से भी मदद मांगी।
निठारी से ही लापता हुए एक बच्चे के पिता सुरेश ने बताया कि निठारी के नाम पर विदेशी संस्थाओं और विदेशियों ने प्रहलाद अग्रवाल को हजारों डॉलर की आर्थिक सहायता दी, जिसे वह अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर हड़प कर गया और अब उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है। सुरेश ने बताया कि इस बारे में वह दिल्ली पुलिस से शिकायत कर चुका है। नोएडा के एसपी सिटी विजय यादव ने इस बाबत दिल्ली से सूचना मिलने की पुष्टि की है।
http://www.rashtriyasahara.com/RegionalDetailFrame.aspx?newsid=31577&cityname=Noida&vcityname=%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%A1%E0%A4%BE_




ूनी कोठी के पास बेरिकेड से परेशानी
सहारा न्यूज ब्यूरो
नोएडा। निठारी में खूनी कोठी के दोनों आ॓र पुलिस द्वारा लगाये गये बेरिकेड से यहां के लोगों को परेशानी हो रही है। अपने घर जाने के लिए उन्हें काफी घूमकर जाना पड़ता है।
29 दिसंबर 06 को नरकंकाल प्रकरण उजागर होने पर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा था। इस पर खूनी कोठी की सुरक्षा के लिए पुलिस ने उस समय रास्ते को चारों आ॓र से बेरिकेड कर बंद कर दिया। इस पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। बाद में माहौल में थोड़ा सुधार होने पर बेरिकेड हटा लिया गया था। इसके बाद अचानक पीड़ितों का गुस्सा भड़कने पर वहां पर स्थाई तौर पर बेरिकेड लगाकर आम लोगों के लिए रास्ता बंद कर दिया गया। इससे जहां डी-5 के लोग कैद होकर रह गये हैं, वहीं आसपास के लोग परेशान हैं। उन्हें अपने घर जाने के लिए सेक्टर-31 का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है।
गांव वालों का आरोप है कि पुलिस ने जबरन उक्त रास्ते को बंद कर रखा है। रास्ता बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
http://www.rashtriyasahara.com/RegionalDetailFrame.aspx?newsid=31312&cityname=Noida&vcityname=%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%A1%E0%A4%BE_#





कहां चूके, सीबीआई जुटी पड़ताल में
सहारा न्यूज ब्यूरो
नोएडा। नरपिशाच मोहिंदर सिंह पंधेर को बचाने का आरोप झेल रहे सीबीआई अधिकारी अपना दामन पाक-साफ दिखाने के लिए नोएडा पुलिस की निठारी प्रकरण पर जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने में जुट गये हैं। वे पुलिस और जांच एजेंसी के निष्कर्षों में आ रहे अंतर के कारणों को खोजना चाहते हैं। सीबीआई अधिकारियों की नजर उस रिपोर्ट पर विशेष रूप से है, जिसमें थाना सेक्टर 20 पुलिस ने खूनी कोठी के मालिक मोहिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र कोली पर बच्चों को अगवा करने, बलात्कार करने और हत्या करने का आरोपित बताया था।
नोएडा पुलिस और सीबीआई जांच रिपोर्ट एक दूसरे को गलत ठहराती हैं। निठारी के पीड़ितों और मीडिया ने सीबीआई को मोहिंदर को बचाने के लिए निशाने पर ले रखा है। इसे देखते हुए सीबीआई जांच कर रही है कि किस आधार पर नोएडा पुलिस ने सभी मामलों में नौकर और मालिक को एक बराबर दोषी ठहराया था। सीबीआई के एक अधिकारी ने थाना सेक्टर 20 में तैनात एक पुलिसकर्मी से थानाध्यक्ष रह चुके कमल सिंह यादव, आरएन सिंह यादव, दीपक चतुर्वेदी (वर्तमान में सभी बर्खास्त) और बीपी सिंह यादव (तबादला) की कार्यशैली के बारे में पूछताछ की।
निठारी से सितम्बर 2006 में गायब हुई आरती के मामले में थाना सेक्टर 20 पुलिस की जांच रिपोर्ट के बारे में पता करने के लिए आज सीबीआई की एक टीम नोएडा पहुंची। टीम में शामिल एक अधिकारी ने जांच रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पिछले दो सालों में गायब हुई लड़कियों के मामले में दर्ज रिपोर्ट और जांच का ब्योरा लिया। सीबीआई अधिकारियों ने पिछले दो वर्षों में सेक्टर 20 थाने में तैनात रह चुके थानाध्यक्षों और रिपोर्ट लिखने वाले हेडमोहर्रिर के बारे में भी जानकारी ली।
निठारी गांव से 4 जनवरी 2005 को पायल के गायब होने के साथ बच्चों के गायब होने का सिलसिला शुरू हुआ और 25 सितम्बर 2006 को आरती के गायब होने के बाद ही रूका। अब तक की जांच पड़ताल में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि इस दौरान 17 बच्चे खूनी कोठी डी-5 का शिकार हुए। पायल के 7 मई को कोठी से लापता होने के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया था। 25 दिसम्बर 2006 को सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने खूनी कोठी के नरपिशाचों को घेरा, जिस पर निठारी कांड का खुलासा हुआ। पायल के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल के आधार पर ही थाना सेक्टर 20 पुलिस ने मोहिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोठी का शिकार हुए बच्चों की शिनाख्त करायी गई। दोनों आरोपितों और पीड़ित परिजनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने जांच रिपोर्ट तैयार की थी। पुलिस रिपोर्ट में बताया गया कि कोठी में जब कोई कॉलगर्ल नहीं आती तब मोहिंदर सिंह अपने नौकर से लड़की लाने को कहता। सुरेंद्र कोली निठारी की लड़कियों को बहला फुसलाकर बुला लेता और उन्हें अपने मालिक के हवाले कर देता था। पुलिस जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि मोहिंदर सिंह लड़कियों से दुष्कर्म करने के बाद उन्हें सुरेंद्र को सौंप देता था।
वह लड़कियों को कोठी की छत पर ले जाकर उनसे दुष्कर्म का प्रयास करता, असफल रहने पर वह उनकी हत्या कर देता था और शव काटकर फेंक देता था। सभी 17 मामलों में पुलिस की जांच रिपोर्ट में लगभग यही कहानी है।
वहीं इसके उलट गाजियाबाद की सीबीआई अदालत में पेश चार्जशीट में लड़कियों को अगवा कर उनसे दुष्कर्म करने और हत्या करने का आरोप केवल सुरेंद्र कोली पर लगाया गया है और मोहिंदर सिंह को घटनाओं के दौरान नोएडा से बाहर रहने की बात कही गयी है।
http://www.rashtriyasahara.com/RegionalDetailFrame.aspx?newsid=31259&cityname=Noida&vcityname=%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%A1%E0%A4%BE_

प्रदर्शनी के आयोजकों को नोटिस भेजने की तैयारी
सहारा न्यूज ब्यूरो
नोएडा। निठारी कांड को लेकर दिल्ली के नेहरू प्लेस में प्रदर्शनी लगाने वालों को कानूनी नोटिस जारी भेजने की तैयार की जा रही है। इसके लिए वकीलों से राय ली जा रही है।
सूत्रों के अनुसार एक-दो दिनों में प्रदर्शनी के आयोजकों को नोटिस भेज दिया जायेगा और गाजियाबाद कोर्ट में अपील की जायेगी। आयोजकों ने अपने स्वार्थ के कारण बिना पीड़ितों की अनुमति के प्रदर्शनी लगायी और पीड़ितों की भावना को आहत किया।
दिल्ली में नेहरू प्लेस के गुरू अंगद भवन में कैनवास आर्ट गैलरी के निदेशक राकेश गुप्ता ने गुरूनिका टू निठारी नाम से पेंटिग प्रदर्शनी का आयोजन किया था। प्रदर्शनी में चित्रों को मंहगे दामों में बेचा जा रहा है। जब इस बात की खबर पीड़ितों को हुई तो उन्होंने दिल्ली जाकर प्रदर्शन किया और प्रदर्शनी बंद करने की मांग की।
आयोजकों ने प्रदर्शनी बंद नहीं की है जबकि उन्हें पीड़ितों ने कल तक का समय दिया था। पीड़ितों को इस बात का दुख है कि आयोजक अपने निजी स्वार्थ के कारण उनके जख्मों को हरा करने पर उतारू हैं। खास बात यह है कि आयोजक ने पीडितों से न तो सलाह ली और न ही अनुमति। प्रदर्शनी में मिलने वाली राशि का अधिकांश हिस्सा गरीबों की मदद के नाम पर लिया जा रहा है।
पीड़ितों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोजकों को कानूनी नोटिस भेजने और कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज कराने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार आयोजकों में शामिल राकेश गुप्ता, कीर्ति और सुनील भल्ला के खिलाफ मामला दर्ज कराने की योजना है। इस संबध में आयोजकों से टेलीफोन पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
http://www.rashtriyasahara.com/RegionalDetailFrame.aspx?newsid=31258&cityname=Noida&vcityname=%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%A1%E0%A4%BE_


योजकों के खिलाफ दर्ज करवाएंगे मामला
सहारा न्यूज ब्यूरो
नोएडा। निठारी कांड के पीड़ितों का कहना है कि दिल्ली के नेहरू प्लेस के गुरू अंगद भवन में चल रही प्रदर्शनी यदि शीघ्र बंद नहीं की जाती तो आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जायेगा। उनका कहना है कि मंगलवार को पीड़ितों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर आयोजक मौके से फरार हो गये थे। बाद में आयोजकों के लगभग 5-6 लोगों ने उनसे बात की।
प्रदर्शन में शामिल पीड़ित झब्बू लाल ने कहा कि कुछ लोगों ने निठारी कांड को पैसा कमाने के लिए धंधा बना लिया है। पीड़ित परिजन ऐसी किसी भी हरकत को सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोजकों से प्रदर्शनी में निठारी कांड पर लगे चित्रों को तत्काल हटाने को कहा गया है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ वे अदालत की शरण लेंगे। ज्ञात हो कि कैनवास आर्ट गैलरी के निदेशक राकेश गुप्ता ने गुरूनिका टू निठारी के नाम से पेंटिग प्रदर्शनी का आयोजन किया है।
झब्बू लाल का कहना है कि एक तो सीबीआई के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है वहीं दूसरी आ॓र कुछ लोगों अपने स्वार्थ के लिए निठारी कांड का दुरूपयोग कर रहे हैं। इससे पीड़ितों को आघात पहुंचा है।


http://www.rashtriyasahara.com/RegionalDetailFrame.aspx?newsid=31095&cityname=Noida&vcityname=%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%A1%E0%A4%BE_

पंधेर के वकीलों की याचिका खारिज
सहारा न्यूज ब्यूरो
गाजियाबाद। सीबीआई की विशेष अदालत ने आज निठारी कांड के मुख्य आरोपित मोनिंदर सिंह पंधेर के वकीलों की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में निठारी के पीड़ितों के अधिवक्ता खालिद खान के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का वाद दायर किया गया था।
सीबीआई की विशेष न्यायाधीश रमा जैन की अदालत में पंधेर के अधिवक्ता देवराज और मनोज गुप्ता ने 1 जून को धारा 340 के तहत वाद दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि निठारी पीड़ितों के अधिवक्ता खालिद खान ने उनके मुवक्किल मोनिंदर सिंह पंधेर के खिलाफ कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के संबंध में कोर्ट की कार्रवाई को लेकर बयान दिये थे। उन्होंने श्री खान के मीडिया को दिये गये बयानों को कोर्ट की अवमानना बताया था।
इस मालले पर 4 जून को बहस हुई थी। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रखते हुए 7 जून को निर्णय की तिथि मुकर्रर की थी। आज सीबीआई की विशेष न्यायाधीश रमा जैन ने अधिवक्ता खालिद खान के खिलाफ डाली गई याचिका को खारिज कर दिया।
http://www.rashtriyasahara.com/RegionalDetailFrame.aspx?newsid=33609&cityname=Ghaziabad&vcityname=%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6

पीछे
पंधेर को राहत, एक और याचिका खारिज
सहारा न्यूज ब्यूरो
गाजियाबाद। निठारी कांड जांच में सीबीआई व नोएडा पुलिस की संदिग्ध भूमिका के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए 156 (3) के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र को सीजेएम की अदालत ने आज खारिज कर दिया। इस प्रार्थना पत्र पर गत 23 मई को बहस हुई थी और निर्णय को सुरक्षित रखते हुए फैसले की तिथि 5 जून निर्धारित की थी।
गौरतलब है कि 20 मई को सामाजिक विकास समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमचंद दीक्षित ने अधिवक्ता खालिद खान के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु भटनागर की अदालत में 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था।
इस प्रार्थना पत्र में सीबीआई व नोएडा पुलिस पर अपनी जांच में निठारी कांड के मुख्य आरोपित मोहिंदर सिंह पंधेर को बचाने का आरोप लगाया गया था।
साथ ही कहा गया था कि संबंधित केस की असली डायरी छिपाकर उसकी जगह सीबीआई और नोएडा पुलिस ने दूसरी केस डायरी पेश की है। प्रेमचंद दीक्षित के इस प्रार्थना पत्र पर 23 मई को बहस हुई और अदालत ने निर्णय सुरक्षित रखा था। आज सीजेएम अदालत ने सीबीआई व नोएडा पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाले प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
http://www.rashtriyasahara.com/RegionalDetailFrame.aspx?newsid=33390&cityname=Ghaziabad&vcityname=%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6